Geeta ke 11 facts in Hindi ।। गीता के 11 फैक्ट्स

 INTRODUCTION

🙏🏻 नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे  blog FACT11 पर।  अब आप जानेंगे गीता के 11 महत्वपूर्ण तथ्य।यूं तो इतनी बड़ी गीता को 11 तथ्य में विभाजित नहीं किया जा सकता एक असफल प्रयास किया जा सकता है जिसका उदाहरण मेरा यह BLOG बनेगा।श्रीमद्भगवद्‌गीता हिन्दुओं के पवित्रतम ग्रन्थों में से एक है। महाभारत के अनुसार कुरुक्षेत्र युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने गीता का सन्देश अर्जुन को सुनाया था। यह महाभारत के भीष्मपर्व के अन्तर्गत दिया गया एक उपनिषद् है। भगवत गीता में एकेश्वरवादकर्म योगज्ञानयोगभक्ति योग की बहुत सुन्दर ढंग से चर्चा हुई है।

 

Geeta Ek GYAN

द्वापर युग में जब स्वयं भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतार लेकर विष्णु जी धरती पर आए थे । उस समय के शासनकाल में पांडव और कौरवों के बीच हुए महाभारत के युद्ध में सारथी बनकर भगवान कृष्ण ने स्वयं अपने मुख से अपने पार्थ अर्जुन को सांसारिक शिक्षा दी। उन्होंने बताया कि आत्मा नश्वर है। जिसने जन्म लिया है उसे मरना पड़ेगा। जो यह तुम्हारे सामने प्रतिद्वंदी खड़े हैं वह कभी भी तुम्हारे अपने हैं किंतु कर्म के अनुसार तुम्हें इन से युद्ध करना पड़ेगा और यह युद्ध अनंत काल तक महाभारत के नाम से जाना जाएगा। आज भी यह गीता पूरे भारतवर्ष में विद्यमान है। और तो और इसका विषय रूप में विदेशों में भी रखने की बात चल रही है और कई देशों में तो यह रखा भी जा चुका है। हमारे भारत की संस्कृति इतनी गौरवशाली रही है कि कई विदेशी यात्री मात्र एक श्लोक  सेही हमारी देश की तरफ जुड़ते चले आए हैं।

वह श्लोक है:-

प्रातःकाल उठ के रघुनाथा

मात पिता गुरु नावहीं माथा।

 

Facts of Geeta

१. महाभारत युद्ध 3137 ईपू में हुआ। इस युद्ध के 35 वर्ष पश्चात भगवान कृष्ण ने देह छोड़ दी थी तभी से कलियुग का आरंभ माना जाता है। उनकी मृत्यु एक बहेलिए का तीर लगने से हुई थी। तब उनकी तब उनकी उम्र 119 वर्ष थी। गीता का ज्ञान 5154 वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था।

२.ग्रंथो के अनुसार यह तिथि एकादशी यानी संभवतः रविवार था।यह ज्ञान सबसे पहले सूर्य को मिला था।इसकी गणना उपनिषदों में कि जाती है इसीलिए इसे गीतोपनिषद भी कहते है।

३.इतना भव्य ज्ञान इस तुच्छ सी बात के लिए दिया गया था कि अर्जुन ने अपने विरोधी में अपनों यानी अपने आगे संबंधी है।इससे अच्छा तो मै सन्यास लेकर वैराग धारण कर लूं।इस भ्रम को हटाने के लिए ही यह ज्ञान दिया गया था।

४.सूर्य और अर्जुन के अलावा भी गीत का प्रत्यक्ष ज्ञान संजयौर ध्रत राष्ट्र ने भी प्राप्त किया था। क्योंकि संजय को दिव्य दृष्टि प्राप्त थी और वह पूरा विवरण अपने मुख से ध्रत राष्ट्र को सुना रहा था।

५.यह एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसका अनुवाद १०० से ज्यादा भाषाओं में किया गया है।था तक कि ब्रिटिश गवर्नर भी इससे प्रभावित थे। इसका अनुवाद इंग्लिश में चार्ल्स विल्किंस ने किया था।

६.दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन ने अपनी उम्र के उपरांत गीता को पढ़ा था और कहा था कि काश मैंने इस बचपन से शुरू की होती तो यह मेरेनली सार्थक सिद्ध होती।

 

७.सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य ये है कि फिल्मों में को कोर्ट में गीता कि कसम खाई जाती है वह मिथ्या है जबकि ऐसा हकीकत में नहीं है ऐसा ब्रिटिश काल में होता था क्योंकि वह यह मानते थे कि हम अपने धर्म की झूठी कसम नहीं खाएंगे।

८.गीता का उपदेश और भी दो अदभुत लोगो ने सुना है वो है पहला हनुमान जी रथ में विराजमान था और दूसरा बर्बरीक जोकि घटोत्क्छ का पुत्र था और दूर पहाड़ी से यह सब देख रहा था ।

९.इसके अतिरिक्त गीता को गीत से भी संभोडित किया गया है क्योंकि इसमें प्रत्येक छंद में ३२अक्षर है जोकि ४ लाइनों के समूह में है।जिसमें प्रत्येक लाइन में ११अक्षर है।

१०.गीता में श्रीकृष्ण के द्वारा ५७४ श्लोक तथा अर्जुन द्वारा ८५ एवं ध्रत राष्ट्र द्वारा एक एवंं संजय द्वारा ४० श्लोक कहे गए थे।

 

११.आपको पता है यदि आपने गीता का अनुसरण कर लिया तो वह महान ज्ञान और जीवन की संसारिक मोहमाया से त्रप्त या कह सकते है इस पर विजय प्राप्त कर लेगा। जोकि अनुसरण करना नामुमकिन है।

धन्यवाद मित्रों इस पोस्ट की पसंद के अनुसार जल्दी वापस आऊंगा एक नई पोस्ट के साथ।

धन्यवाद🙏

जय हिन्द

 

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