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नमस्कार दोस्तों…!
जैसा की मैंने कहा था की जल्द ही ब्लैक होल पर मेरा नया ब्लाैग लाने जा रहा हुँ। लीजिए हाज़िर हूँ आज ब्लैक होल के बारे में कुछ नए और अन कहे फ़ैक्ट ले कर जिन्हें सुन कर आप दंग रह जाएँगे। तो चलिए बिना समय गँवाए शुरू करते हैं। और एक बात क्या आप जानते हैं की ब्लैक होल नज़र नहीं आते। चलिए फ़ैक्ट्स पढ़िए।

FACT 1.
ब्लैक होल इतना ख़तरनाक है कि वह प्रकाश को भी अपने अंदर से निकलने नहीं देता। इसीलिए इसके अंदर घनघोर अंधेरा है।इसका गुरुत्वकार्शण बल इतना ख़तरनाक है की यह पुरी आकाशगंगा को निगलने की क्षमता रखता है। इसीलिए इसे ब्रह्मांड का दैत्य भी कहते है।
FACT 2.
ब्लैक होल कितने बड़े या छोटे होते हैं..?
वैज्ञानिकों का मान ना है की एक छोटे से छोटा ब्लैक होल एक एटम (Atom) के बराबर हो सकता है। मगर ये सिर्फ़ देखने मे छोटा है। लेकिन इसके अंदर एक पहाड़ तक समा जाए इतनी क्षमता रखता है।

FACT 3.
एक दूसरे प्रकार के ब्लैक होल होते हैं जिन्हें “stellar” कहा जाता है।और इनका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से 20 गुना ज़्यादा है। और ऐसा वैज्ञानिक मानते है की हमारे आकाशगंगा में ऐसे कई ब्लैक होल मौजूद है जिनका द्रव्यमानसूर्य से 20 गुना  ज़्यादा है। या फिर जिन्हें हम “stellar” के नाम से जानते है।
FACT 4.
और जो इनसे भी बड़े ब्लैक होल होते हैं वे “supermassive” कहलाते हैं। और इन “supermassive” ब्लैक होल का द्रव्यमान 1 लाख सूर्यों के द्रव्यमान के बराबर होता है। वैज्ञानिकों का मान ना है की हर बड़ी गेलेक्सी में एक “supermassive” ब्लैक होल होता है। जो की उस गेलेक्सी के मध्य में उपस्थित होता है।
FACT 5.
आपको यह जानकर आश्चर्य लगेगा की हमारी आकाश गंगा में भी एक इतना ही बड़ा “supermassive” ब्लैक होल मौजूद है। और इस ब्लैक होल का नाम Sagittarius है। और इसका द्रव्यमान 4 लाख सूरजों के द्रव्यमान के बराबर है। और यह एक बड़ी गेंद की तरह है जिसके अंदर हमारी पृथ्वी जैसी लाखों पृथ्वी समा सकती हैं।

FACT 6.
ब्लैक होल बने कैसे ??🤔
वैज्ञानिकों का मान ना है कि छोटे छोटे ब्लैक होल तो तभी बन गए थे जब ब्रह्मांड बना था।
“Stellar” ब्लैक होल तब बने जब दो बड़े बड़े तारे टकराये थे। और जब ऐसा होता है तो इससे “supernova” का निर्माण होता है। “supernova” वह तारा है जो फूटा हुआ तारा ख़ुद फटकर दूसरे नए तारों को जन्म देते हैं।
और “supermassive” ब्लैक होल तब बने जब दो बहुत बड़ी गेलेक्सी आपस में टकरायीं तो इन ब्लैक होल का निर्माण हुआ।

FACT 7.
अगर ‘ब्लैक होल’ ब्लैक हैं , तो वैज्ञानिकों को कैसे पता लगा वो है ..??
एक ब्लैक होल को नहीं देखा जा सकता क्योंकि मजबूत गुरुत्वाकर्षण ब्लैक होल के बीच में प्रकाश को खींचता है। लेकिन वैज्ञानिक यह देख सकते हैं कि ब्लैक होल के चारों ओर तारों और गैस पर मजबूत गुरुत्वाकर्षण किस तरह से असर डालता है। वैज्ञानिक यह पता लगाने के लिए तारों का अध्ययन कर सकते हैं कि क्या वे चारों ओर उड़ रहे हैं, या एक ब्लैक होल की परिक्रमा कर रहे हैं।

FACT 8.
जब एक ब्लैक होल और स्टार एक साथ करीब होते हैं, तो उच्च ऊर्जा वाली रोशनी बनती है। इस तरह की रोशनी को इंसानी आंखों से नहीं देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में उपग्रहों और दूरबीनों का उपयोग उच्च ऊर्जा प्रकाश को देखने के लिए किया है।

FACT 9.
क्या एक ब्लैक होल पृथ्वी को नष्ट कर सकता है?
ब्लैक होल अंतरिक्ष खाने वाले तारों, चंद्रमाओं और ग्रहों में नहीं जाते हैं। पृथ्वी एक ब्लैक होल में नहीं गिरेगी क्योंकि पृथ्वी के लिए कोई भी ब्लैक होल सौर मंडल के करीब नहीं है।
भले ही एक ब्लैक होल सूर्य के समान द्रव्यमान वाला हो, सूर्य का स्थान लेने के लिए, पृथ्वी अभी भी नहीं गिरेगी। ब्लैक होल में सूर्य के समान ही गुरुत्वाकर्षण होगा। जैसे ही वे सूर्य की परिक्रमा करेंगे पृथ्वी और अन्य ग्रह ब्लैक होल की परिक्रमा करेंगे

FACT 10.
सूरज कभी भी ब्लैक होल में नहीं बदलेगा। ब्लैक होल बनाने के लिए सूरज एक बड़ा पर्याप्त तारा नहीं है।
FACT 11.
कैसे नासा ब्लैक होल का अध्ययन कर रहा है?
नासा उन उपग्रहों और दूरबीनों का उपयोग कर रहा है जो ब्लैक होल के बारे में अधिक जानने के लिए अंतरिक्ष में यात्रा कर रहे हैं। ये अंतरिक्ष यान वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के बारे में सवालों के जवाब देने में मदद करते हैं।

कमेंट कर के बताइए की आपको ये ब्लैक होल के बारे में जान कर कैसा लगा। ये फ़ैक्ट्स किसी भी यू ट्यूब या विकिपीडिया से नहीं लिए है। ये नासा के वैज्ञानिक की किताब से कुछ चुने हुए फ़ैक्ट्स मैंने उठाए है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।

By ADMIN

2 thoughts on “Black Hole ke bare me rochak tathya|| black hole in Hindi 2020”

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