अंतरिक्ष के रोचक तथ्य ।। हिंदी में।। 2020 ।।

नमस्कार दोस्तों ..!!

आज फिर मैं हाज़िर हुँ कुछ रोचक फ़ैक्ट्स ले कर।

आज मैं मेरे इस ब्लॉग में अंतरिक्ष से सम्बंधित कुछ ऐसे फ़ैक्ट बताऊँगा जिन्हें सुन कर आप ख़ुद दंग रह जाएँगे ।

जैसा की आप सभी जानते होंगे की हमारा अंतरिक्ष बहुत बड़ा है और यह अनंत है।

मगर ‘Einstein’ का कहना था की ये अंतरिक्ष अनंत नहीं है। चौंक गए ना। तो चलिए बिना समय गँवाए शुरू करते हैं।

फ़ैक्ट १.
हमारे ब्रह्मांड में कोई भी चीज़ स्थगित नहीं है।

हर चीज़ परिवर्तनशील है।

और अपनी अपनी ऊर्जा से गति कर रही है।

चाँद पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है , पृथ्वी सूर्य की , सूर्य सम्पूर्ण सूर्यमंडल को ले कर हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी की परिक्रमा करता है , और हमारी मंदाकिनी 580KM/sec. की गति से पड़ोसी आकाशगंगा देव्यनि से 5 अरब वर्ष  बाद टकराएगी।

फ़ैक्ट २.
वैज्ञानिकों ने एक ग्रह ऐसा भी ढूँढ निकाला है जो की पूरा ग्रह ही हीरे का बना हुआ है।

यह ग्रह कर्क तारामंडल में स्थित है।

इस ग्रह का नाम 55-caseri-E  है।

यह ग्रह पृथ्वी से तीन गुना ज़्यादा बड़ा है।

अब अंदाज़ा लगा लो की कितने रुपये का होगा वो ग्रह 😂 comment कर के बतायें।

फ़ैक्ट ३.
हाँ वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में पानी  के तैरते हुए स्त्रोत को ढूँढ निकाला है।

ये पानी भाप के रूप में ब्रह्मांड में बहुत ही बड़ी मात्रा में तैर रहा है।

इस जल भंडार में हमारे सारे महासागरों के जल से 140 ट्रिलियन ज़्यादा पानी मौजूद है।

सुनकर चौंक गये न कि हमारी आकाशगंगा में भी पानी है।

फ़ैक्ट ४.
अगर आप ब्रह्मांड में पड़े हुए जल भंडार से अचंभित हुए हैं।

तो इससे भी ज़्यादा अचंभित करने वाले अजूबे अभी इस ब्रम्हाण्ड में मौजूद हैं।

हमारे ब्रम्हाण्ड में तो कई हज़ार टन लीटर शराब  भी मौजूद हैं।

जी हाँ दोस्तों हमारी आकाशगंगा के केंद्र से 390 प्रकाश वर्ष दूर सैजिटेरियस B2 नाम का यह बादल पूरा का पूरा इथाइल अल्कोहल  का बना है

अर्थात उसमें अरबों लीटर शराब का भंडार मौजूद है जो कि हमारे ब्रम्हाण्ड में तैर रहा है।

उड़ गए न होश।

फ़ैक्ट ५.
बृहस्पति ग्रह अपनी धूरी पर दस घंटे में एक चक्कर लगाता है।

अर्थात बृहस्पति  ग्रह एक दिन दस घंटे का होता है जबकि बृहस्पति ग्रह पृथ्वी से कई गुना ज़्यादा बड़ा है

और इसका कारण यह है।

कि बृहस्पति ग्रह की सतह 50,000 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से घूम रही है

यही कारण है कि वहाँ पर पर दिन घंटे का होता है।

jupiter furnished image

फ़ैक्ट ६.
कोई भी अंतरिक्षयात्री जब अंतरिक्ष में जाता है तो उसकी लंबाई 1 से 2 इंच  बढ़ जाती है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण नहीं होता है।

जिस कारण से रीढ़ की हड्डी के जोड़ ढीले हो जाते हैं

और इस वजह से रीड की हड्डी सीधी हो जाती है।

जिससे की किसी भी अंतरिक्षयात्री की लंबाई सामान्य क़द से एक दो इंच बढ़ जाती है।

फ़ैक्ट ७.
शुक्र ग्रह का एक दिन एक वर्ष से भी बड़ा होता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शुक्र ग्रह अपनी धुरि पर बहुत ही धीमी गति से घूमता है

उसे अपनी धुरी पर चक्कर लगाने में पृथ्वी के 243 दिन लग जाते हैं

जबकि सूर्य की परिक्रमा वह महज़ 225 दिन में कर देता है इसलिए शुक्र ग्रह पर एक दिन एक वर्ष भी लंबा होता है।

है ना बहुत ही अजीब।

फ़ैक्ट ८.
प्लूटो भले ही छोटा प्लैनेट है लेकिन इस छोटे प्लैनेट पर भी माउंटेन और वॉल्केनाे के जैसी लैंड मासेस है।

लेकिन जहाँ धरती के वॉल्केनाे से जलता सुलगता लावा निकलता है

वहीं प्लूटो की वोल्केनो जमी हुई बर्फ़ निकलती है पानी वहाँ ज़मीन में अंडर प्रेशर रहता है

और जब भी प्रेशर ज़्यादा होता है तो ये पानी बर्फ़ के रूप में उन वोल्केनाे से बाहर निकलता है। है ना फ़ैक्ट।

फ़ैक्ट ९.
ब्रह्माण्ड में एक ऐसा तारा है जिसका तापमान हमेशा 28 डिग्री बना रहता है।

वैसे तो सभी तारे बहुत ही गर्म होते हैं  हमारे सूरज का भी तापमान 5778 डिग्री सेल्सियस या उसके आस पास बना रहता है

मगर इस तारे की सतह का तापमान मात्र 28 डिग्री सेल्सियस रहता है।

लेकिन viaes-88 एक ऐसा तारा है।

जिसकी सतह का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहता है। यह एक गोरा वामन  तारा है।

फ़ैक्ट १०.
घैर्य ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी संरचना है यह संरचना 10 अरब प्रकाश वर्ष  चौड़ी है

जी हाँ दोस्तों भौतिक विज्ञान की थ्याेरी के अनुसार ब्रह्माण्ड में इतनी बड़ी संरचना हो पाना एक ताज्जुब से कम नहीं है

इसे आप ब्रह्मांड का एक रहस्य भी मान सकते है

।NQ-3,NQ-4 और GRB की संरचना लगभग 10 अरब प्रकाश वर्ष चौड़ी यह अब तक की हमारे ज्ञात ब्रह्माण्ड की सबसे चौड़ी संरचना हैं

वैज्ञानिक भी आश्चर्य में हैं की ब्रम्हाण्ड में इतनी चौड़ी संरचना कैसे  बनी होगी।

आप भी सोचो और comment में बताओ कैसे बनी होगी।

फ़ैक्ट ११.
अब आज का अंतिम फ़ैक्ट आपको बताते हैं।

आपने ब्लैक होल का नाम तो सुना ही होगा चलिए उसी के बारे में बताता हूँ।

ब्लैक होल को ब्रह्मांड का दैत्य भी कहा जाता है क्योंकि यह अपने संपर्क में आने वाले किसी भी वस्तु को बहुत ही तेज़ी से अपने अंदर समाहित कर लेता है।

एक ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण इतना ज़बरदस्त होता है

कि वह प्रकाश को भी अपने अंदर से जाने नहीं देता और उसके केंद्र की शक्ति इतनी ज़्यादा होती है

कि वह एक पूरी की पूरी गैलेक्सी को भी निकल सकता है

हमारी गैलेक्सी के भी बीचो बीच एक ब्लैक होल मौजूद है।

और अभी कुछ ही महीनों पहले इसरो ने ब्लैक होल की तस्वीर जारी करी थी।

बहुत ही जल्द मैं ब्लैक होल पर फ़ैक्ट्स लाने वाला हुँ तो बने रहिए हमारे साथ।

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